आज में आपको बताओगा की डेड फ़ोन, या वाटर डैमेज फ़ोन को कैसे रिपेयर करते है। और आप कस्टमर से कैसे बात करेंगे।
स्मार्ट फ़ोन या सादा बटन वाला फ़ोन, ये दोनों फ़ोन डेड हो सकते है किसी कारन से, या वाटर डैमेज बी हो सकते है। यह ब्लॉग में आपको स्मार्ट फ़ोन कैसे रिपेयर करते है उसके बारेमे में बताता हु। क्युकी आज कल बटन वाले फोन बहोत कम आते है रिपेयर करवाने के लिए। हाला की वो बी ख़राब होते है। पर स्मार्ट फ़ोन आज कल ज्यादा इस्तेमाल होता है।
अगर आपके पास कोई स्मार्ट फ़ोन रिपेयर के लिए आता है और वो डेड है। यानि चालू नहीं हो रहा है। स्मार्ट फ़ोन की अगर हम बात करे तो, स्मार्ट फ़ोन में बैटरी इंटरनल होती है।
कुछ इस तरह से दीखता है इंटरनल सर्किट स्मार्ट फ़ोन का। आप एक बार कस्टमर से बी पूछ सकते है की मोबाइल बंद क्यों हुआ है। मोबाइल नीचे गिरने से बंद हुआ है या मोबाइल पानी में गिरने से बंद हुआ है। अगर मानलीजिए कस्टमर ने कहा की गेम खेलते खेलते मोबाइल बंद हो गया है। तो आप समज सकते है की मोबाइल हैंग होके बंद हुआ है। इसमें आपको पहले तो मोबाइल चार्जिंग में लगा के देखना होगा कही चार्जिंग कम तो नहीं हो गयी है। कबि कबि मोबाइल गेम खेलने से मोबाइल की बैटरी पूरी तरह से डाउन हो जाती है। और 1 amp के चार्जर से मोबाइल चार्ज नै होता है। जिसके कारन वो चालू नहीं हो पता है। थोड़ी देर चार्जिंग में रखने के बाद आप मोबाइल को रिबूट करके बी देख सकते है। रिबूट करने के लिए, वॉल्यूम डाउन बटन (volume -ve) और उसके साथ पावर बटन दबाना है। जिससे मोबाइल रिबूट हो जायेगा या अगर मोबाइल हैंग होक बंद हुआ है तो रीस्टार्ट हो जायेगा। अगर चालू नै हुआ तो आप मोबाइल को 2amp वाले चार्जर से बी चार्ज करके देख सकते है या ओरिजिनल चार्जर से बी चार्ज करके देख सकते है। अगर ऐसा करने से मोबाइल चालू हो गया तो ठीक है। नहीं तो आगे चेक करने के लिए आपको मोबाइल खोलना पड़ेगा। मोबाइल खोलने के लिए आपके पास हॉट एयर ब्लोवर मशीन होनी चाइये। (hot air machine) . सबसे पहले आपको मोबाइल फ़ोन खोलना नहीं आता है तो आप यूट्यूब पे मोबाइल खोलने के वीडियो देख सकते है। और अगर आपको मोबाइल खोलने आता है तो आप मोबाइल खोल सकते है। वरना कबि कबि मोबाइल खोलते खोलते ही मोबाइल और ज्यादा ख़राब हो जाता है। मोबाइल फ़ोन खोलने के लिए आपको बहोत प्रैक्टिस की जरुरत होती है। आप यूट्यूब पे वीडियो देख के बी सिख सकते है। क्युकी अगर आप पहली बार मोबाइल खोल रहे है तो आपसे डिस्प्ले की स्ट्रिप बी टूट सकती है।
जैसे की आप इस फोटो में देख रहे है मोबाइल की शॉर्टिंग चेक करने के लिए आप मीटर को बीप सेक्शन में रखो।
कुछ इस तरह से दीखता है इंटरनल सर्किट स्मार्ट फ़ोन का। आप एक बार कस्टमर से बी पूछ सकते है की मोबाइल बंद क्यों हुआ है। मोबाइल नीचे गिरने से बंद हुआ है या मोबाइल पानी में गिरने से बंद हुआ है। अगर मानलीजिए कस्टमर ने कहा की गेम खेलते खेलते मोबाइल बंद हो गया है। तो आप समज सकते है की मोबाइल हैंग होके बंद हुआ है। इसमें आपको पहले तो मोबाइल चार्जिंग में लगा के देखना होगा कही चार्जिंग कम तो नहीं हो गयी है। कबि कबि मोबाइल गेम खेलने से मोबाइल की बैटरी पूरी तरह से डाउन हो जाती है। और 1 amp के चार्जर से मोबाइल चार्ज नै होता है। जिसके कारन वो चालू नहीं हो पता है। थोड़ी देर चार्जिंग में रखने के बाद आप मोबाइल को रिबूट करके बी देख सकते है। रिबूट करने के लिए, वॉल्यूम डाउन बटन (volume -ve) और उसके साथ पावर बटन दबाना है। जिससे मोबाइल रिबूट हो जायेगा या अगर मोबाइल हैंग होक बंद हुआ है तो रीस्टार्ट हो जायेगा। अगर चालू नै हुआ तो आप मोबाइल को 2amp वाले चार्जर से बी चार्ज करके देख सकते है या ओरिजिनल चार्जर से बी चार्ज करके देख सकते है। अगर ऐसा करने से मोबाइल चालू हो गया तो ठीक है। नहीं तो आगे चेक करने के लिए आपको मोबाइल खोलना पड़ेगा। मोबाइल खोलने के लिए आपके पास हॉट एयर ब्लोवर मशीन होनी चाइये। (hot air machine) . सबसे पहले आपको मोबाइल फ़ोन खोलना नहीं आता है तो आप यूट्यूब पे मोबाइल खोलने के वीडियो देख सकते है। और अगर आपको मोबाइल खोलने आता है तो आप मोबाइल खोल सकते है। वरना कबि कबि मोबाइल खोलते खोलते ही मोबाइल और ज्यादा ख़राब हो जाता है। मोबाइल फ़ोन खोलने के लिए आपको बहोत प्रैक्टिस की जरुरत होती है। आप यूट्यूब पे वीडियो देख के बी सिख सकते है। क्युकी अगर आप पहली बार मोबाइल खोल रहे है तो आपसे डिस्प्ले की स्ट्रिप बी टूट सकती है।
मोबाइल खोलने के बाद आप सबसे पहले मोबाइल की बैटरी के वोल्टेज चेक करिये। सभी मोबाइल के बैटरी पे 3.7 volt होना चाइये, मोबाइल चालू करने के लिए बैटरी से 3.7 volt आते है। जैसे की आप इस फोटो में देख सकते है। आप मीटर से चेक करके देखो की बैटरी में कितने वोल्टेज है। मोबाइल बैटरी चेक करने के लिए। सबसे पहले मीटर को DC सेक्शन में 20 volt पे रखो। फिर मीटर की लाल वायर बैटरी के +ve पॉइंट पे रखो और काली वायर बैटरी के -ve पॉइंट पे रखो। अगर बैटरी अच्छी है तो मीटर में 3.7 volt की रीडिंग आनी चाइये। अगर बैटरी की रीडिंग 3.7 volt से कम है तो बैटरी चेंज कर दो। आप चाहो तो बैटरी को झटका देके वोल्टेज बड़ा सकते है। बैटरी के वोल्टेज बढ़ाने के लिए आप पावर सप्लाई मशीन से बैटरी को झटका दे सकते है। उससे कोई कोई बैटरी जिसका वोल्टेज 3.7 से कम है, उसका वोल्टेज बढ़ाया जा सकता है। यह पहले तरीका हो गया जिसमे बैटरी ख़राब होने के कारन मोबाइल बंद हो गया था।
अब अगर बैटरी अच्छी है तो आप आगे चेक करिये की कही मोबाइल वाटर डैमेज तो नहीं है। या फिर मोबाइल शॉर्टिंग तो नहीं है।
अगर सर्किट में देखने के बाद आपको लगता है की मोबाइल वाटर डैमेज है तो आप एक कंटेनर या एक ट्रे लेके उसमे PCB क्लीनर सलूशन आता है, आप वो कंटेनर में डालके मोबाइल के सर्किट को वो सलूशन में रखदे। आपके पास अगर PCB सलूशन नहीं है तो आप पेट्रोल या एल्मा सलूशन जो की बोहोत अच्छा होता है ,मोबाइल का वाटर डैमेज निकलने के लिए, आप इनमे से कोई बी सलूशन ले सकते है। उससे मोबाइल सर्किट अच्छी तरह साफ़ कर दीजिये। सलूशन को अच्छी तरह से साफ़ करना जरुरी होता है। नहीं तो सलूशन के कारन मोबाइल सर्किट में जो पावर IC होती है वो ख़राब हो सकती है। जिससे मोबाइल हमेशा के लिए बंद हो सकती है। सलूशन अच्छी तरह से निकल के लिए आप हॉट एयर मशीन का बी इस्तेमाल कर सकते है।
अब अगर मोबाइल बैटरी बी अच्छी है , मोबाइल वाटर डैमेज बी नहीं दिख रही है। तो आप मोबाइल की शॉर्टिंग चेक करिये।
मोबाइल की शॉर्टिंग चेक करने के लिए। मीटर की लाल और काली वायर मोबाइल के बैटरी कनेक्टर के +ve और -ve पे रखो। दोनों साइड से अगर बीप की आवाज आए तो मोबाइल फुल शार्ट है। और अगर एक साइड में बीप और दूसरे साइड में कुछ रीडिंग आये तो मोबाइल हाफ शार्ट है। आप पावर सप्लाई मशीन पे बी मोबाइल की शॉर्टिंग चेक कर सकते है।
अगर मोबाइल में बैटरी बी अच्छी है, वाटर डैमेज बी नहीं है, और मोबाइल शॉर्टिंग बी नहीं है। तो मोबाइल की बैटरी लगाके मोबाइल को कंप्यूटर से कनेक्ट करिये। अगर मोबाइल कनेक्ट हो जाता है तो मोबाइल में सॉफ्टवेयर का प्रॉब्लम है।
में एक अलग से शॉर्टिंग के ऊपर ब्लॉग लिखुगा। आप उसमे डिटेल में शॉर्टिंग चेक कर सकते है। और मोबाइल की शॉर्टिंग निकल सकते है। अगर आपको मेरे ब्लॉग अच्छे लगते है तो कमेंट करके जरूर बताये।
No comments:
Post a Comment